शारीरिक शिक्षा

बक्सर:सिद्धाश्रममेंभगवानश्रीरामकीयात्राकीस्मृतिमेंआयोजितवार्षिकआध्यात्मिकआयोजनपंचकोसीपरिक्रमागुरुवारकीतड़केअहिरौलीद्वारसेउठकरदूसरापड़ावनदांवकेनारदेश्वरआश्रमपहुंचा।नदांवमेंमौजूदनारदेश्वरमहादेवकीविधिवतपूजाअर्चनाकेबादसाधु-संतोंकेसाथश्रद्धालुओंनेनारदसरोवरकीपरिक्रमाकीऔरप्रसादकेरूपमेंस्वादिष्टखिचड़ीखाई।पूरेदिनमेलास्थलपरभजन-कीर्तनहोतारहाऔरभक्तजनोंनेवहींटेंटमेंरातगुजारी।

इससेपूर्वअहिल्यास्थानअहिरौलीमेंरात्रिविश्रामकेबादगुरुवारकीतड़केपंचकोसयात्रानदांवकेलिएरवानाहुआ।जहांपहुंचनेकेबादश्रद्धालुओंवसाधु-संतोंनेनारदसरोवरमेंस्नानकिया।इसकेबादवहांस्थितमंदिरमेंजाकरनारदेश्वरशिवकादर्शन-पूजनकिएऔरखिचड़ीबनाकरखुदखाएतथासगे-सम्बन्धियोंकोभीखिलाए।इसदौरानसिद्धाश्रमव्याघ्रसर(बक्सर)पंचकोसीपरिक्रमासमितिकीओरसेखिचड़ीप्रसादकावितरणकियागया।देरशामवहांप्रवचनकाभीआयोजनहुआ।जिसमेंसंत-विद्वानोंनेपंचकोसकेमहत्वकाउल्लेखकरतेहुएदूसरेविश्रामस्थलनारदेश्वरआश्रमकेपौराणिकमहत्ताकीचर्चाकी।कार्यक्रमकानेतृत्वकररहेबसांवपीठाधीश्वरआचार्यअच्युतप्रपन्नाचार्यजीमहाराजनेबतायाकित्रेतायुगमेंभगवानश्रीरामअपनेअनुजलक्ष्मणकेसाथमहर्षिविश्वामित्रकेनिर्देशपरदेवर्षिनारदसेआशीर्वादलेनेकेलिएनदांवस्थितउनकेआश्रमपरपहुंचेथे।जहांदेवर्षिनेखिचड़ीखिलाकरउनकीआव-भगतकीथी।उसीपरंपराकेअनुसारयहांखिचड़ीखानेकेबादरात्रिविश्रामकियाजाताहै।इसदौरानसइसड़मठकेप्रभारीउद्धवप्रपन्नाचार्यजीमहाराज,स्वामीसुदर्शनाचार्यजीमहाराज,स्वामीकुलशेखराचार्यजीमहाराज,डा.छविनाथत्रिपाठी,कृष्णानंदशास्त्री,जगदीशद्विवेदीआदिप्रवक्ताओंनेपंचकोसकेमहत्ववनारदेश्वरआश्रमकीपौराणिकमहत्तापरविस्तृतरूपसेव्याख्यानदिए।मेलामेंसमितिकेकोषाध्यक्षरोहतासगोयल,सुरेशराय,बबनसिंह,मनोजजी,पंडितदीनानाथआदिसमाजसेवियोंवस्थानीयमुखियाप्रतिनिधिपिकूचौहानकाफीसक्रियदिखे।