शारीरिक शिक्षा

मधुबनी।जिलेकेबेनीपट्टीअनुमंडलअंतर्गतउच्चैठगांवमेंमांदुर्गाप्राचीनकालसेविराजमानहैं।शारदीयनवरात्रमेंउच्चैठभगवतीदरबारमेंश्रद्धालुओंकीभारीभीड़उमड़तीहै।सालोंभरजिलावराज्यसहितपड़ोसीदेशनेपालसेभारीसंख्यामेंभक्तोंकाआनालगारहताहै।इतिहास

यहांस्थापितमांदुर्गाकीसुखासनमुद्रामेंप्रतिमाकीकिसनेवकबस्थापनाकीइसकाविवरणउपलब्धनहींहै।इनकीपूजाकरकालिदासमहाविद्वानबनेइसकीजनश्रुतिप्रचलितहै।मंदिरकेबगलमेंकालिदासचौपाड़िनामकएकडीहआजभीमौजूदहै।इसभगवतीकीपूजाजनकपुरजानेकेसमयश्रीरामद्वाराकिएजानेकीबातभीकहीजातीहै।वर्तमानमंदिरकानिर्माणगतशताब्दीकेचौथेशतकमेंहुआथा।मंदिरकागुंबदऊपरकीओरचौकोरहै।गर्भगृहमेंप्रवेशवनिकासएकहीद्वारसेहोताहै।प्रवेशद्वारसेपहलेबरामदाहै।चारोंओरबरामदाभीहै।मंदिरकारंगलालहै।

उच्चैठभगवतीसबकीसुनतीहैं।भगवतीदरबारसेकोईनिराशहोकरनहीजाते।यहांकीमिट्टीकोलोगबच्चोंकेअक्षरारंभकरानेकोलेजातेहैं।विश्वासहैकियहांकीमिट्टीसेअक्षरारंभकरानेसेसंतानमहाकविकालिदासजैसाविद्वानहोगा।शारदीयनवरात्रमेंयहांदेशकेकोने-कोनेसेलोगपहुंचतेहैं।

-जयकुमारगिरी,पुजारी

उच्चैठभगवतीमंदिरआनेवालेभक्तोंकीमनोकामनाएंपूरीहोतीहैं।प्रतिदिनभगवतीकाभव्यश्रृंगारकियाजाताहै।इसअनुष्ठानमेंभारीसंख्यामेंभक्तउपस्थितरहतेहैं।शारदीयनवरात्रमेंचुनरीचढ़ानेकोभीड़लगीरहतीहै।भक्तोंकीभारीभीड़कोदेखतेहुएदर्शनकीविशेषव्यवस्थाकीजातीहै।

-डा.राधामोहनमिश्रा,शिक्षक

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