शारीरिक शिक्षा

अरविंदकुमारसिंह,पंतनगर:पूर्वीभारतमेंज्यादातरअरहरकीदालपसंदकीजातीहै।वैसेहीपश्चिमीउत्तरप्रदेश,पंजाब,हरियाणामेंउड़दकोअधिकपसंदकियाजाताहै।ऐसेमेंजीबीपंतविविकीविकसितउड़दयानीउर्द-12उन्नतशीलप्रजातिजायकाबढ़ाएगी।विविनेयहप्रजातिउत्तराखंड,हरियाणा,पंजाबसहितपश्चिमीउत्तरप्रदेशकेलिएविकसितकीहै।इसप्रजातिकोकृषिमंत्रालयनेप्रमाणितकरदियाहै।ऐसेमेंनईप्रजातिवहांकेलिएउपयोगीसाबितहोगी।इसप्रजातिकीखासियतहैकिसामान्यप्रजातियोंसेकरीब20फीसदअधिकउत्पादनहोगा।उड़दमेंलगनेवालायलोमोजैकरोगसेभीनिजातमिलेगी।अधिकउपजकेसाथहीफसलकीरोगप्रतिरोधकक्षमताबेहतरहोनेसेकिसानोंकीआयभीबढ़ेगी।

लोगअपनीप्रोटीनकीआवश्यकताकोपूराकरनेकेलियेमुख्यरूपसेदलहनोंपरहीनिर्भरहैं।दलहनीफसलोंमें20-25फीसदतकप्रोटीनपाईजातीहै।जोमीट,मांसएवंअंडेइत्यादिसेउपलब्धहोनेवालीप्रोटीनकेमुकाबलेकाफीसस्तीहोतीहै।पंतविविकीविकसितउर्दकीउन्नतशीलप्रजातियांदेशकेविभिन्नहिस्सोंमेंउगाईजारहीहै।इससेदलहनकीउपलब्धतबढ़ीहै।वर्तमानमेंउगायीजानेवालीउर्दकीप्रजातियांविभिन्नरोगोंएवंकीटोंसेग्रस्तहोरहीहैं।जिसकाअसरउत्पादनपरपड़रहाहै।इसलिएविविनेअखिलभारतीयदलहनपरियोजनामेंउर्दकीएकनईप्रजातिपंतउर्द12विकसितकीहै,जिसेपश्चिमीराज्योंजैसेउत्तरप्रदेश,पंजाब,हरियाणा,राजस्थान,दिल्लीतथाउत्तराखंडएवंजम्मू-कश्मीरकेमैदानीक्षेत्रोंमेंफसलकेलिएसंस्तुतिकीगईहै।

किसानोंकोविभिन्नबिमारियोंएवंरोगोंकीरोकथामपरहोनेवालेखर्चसेभीछुटकारामिलेगा।इससेलागतमेंकमीआएगी।इससफलतापरविविकेकुलपतिडा.तेजप्रतापनेडाक्टरआरकेपंवार,डाक्टरएसकेवर्माएवंडाक्टरअन्जूअरोरा,परियोजनासमन्वयकडाक्टररमेशचंद्राकीतारीफकी।साथहीभविष्यमेंऔरबेहतरशोधकरनेकोप्रेरितकिया।उम्मीदजताईकीयहप्रजातिउत्तराखंडकेविशेषकरछोटेकिसानोंकेलियेअत्यन्तउपयोगीसाबितहोगी।निदेशकशोधडाक्टरएएसनैननेकहाकिविविनेविभिन्नदलहनोंकी50सेअधिकप्रजातियांविकसितकीहै।जोनकेवलदेशमें,बल्किपड़ोसीदेशोंमेंभीफसललीजारहीहै।आगामीसीजनमेंइसनईप्रजातिकेबीजोंकोपर्याप्तमात्रामेंउत्पादितकरकिसानोंकोउपलब्धकरायाजाएगा।

तीनसालमेंमिलीसफलता

प्रजातिकाविकासदोविभिन्नप्रजातियोंपंतउर्द31एवंटीयू94-2केसंकरणसेवंशावलीविधिसेकियागया।उर्द12केदेशकेउत्तरीपश्चिमीभागमेंलगातारतीनवर्षोंतकउगाईगईजोमानकप्रजातियोंउत्तरा,पंतउर्द31एवकेयूजी479केसापेक्ष18.92फीसद,19.61फीसदतथा23.76फीसदअधिकउपजदेनेमेंसक्षमहै।औसतउपज1427किग्रा0/हेक्टेयरपाईगई।इसमेंपीलामोजेकरोग,सफेदचूर्णील,सरकोसफोरालीफस्पोटएवंलीफक्रिकलरोगोंकेलियेअवरोधीपाईगई।इसकेपौधेमध्यमआकारकेलगभग65-70सेमीऊंचाईकेहोतेहै।फसल78-82दिनमेंपकजातीहै।

40ग्रामरोजानादलहनकीहैउपलब्धता

वर्तमानमेंदेशमेंदलहनकीउपलब्धतालगभग40ग्रामप्रतिव्यक्तिप्रतिदिनहै।जिसेमानकोंकेअनुरूपबढ़ाकरलगभग60ग्रामप्रतिव्यक्तिप्रतिदिनकियाजानाआवश्यकहै।इसलिएविभिन्नकिस्मोंकोविकसितकरआधुनिकविधिसेखेतीकरनेकीजरुरतहै।विगतवर्षदेशमेंभारतसरकार,दलहनवैज्ञानिकोंतथाकिसानोंने245लाखटनविभिन्नदलहनोंकाउत्पादनथा।इसमेंदलहनोंकीउन्नतशीलप्रजातियोंकाविशेषयोगदानहै।अनुवंशकीयएवंपादपरोगविज्ञानविभाग,पंतविविडा.आरकेपंवारनेबतायाकिउन्नतशीलविकसितपंतउर्द-12प्रजातिकीखेतीकरनेसेलागतकमआएगीऔरआयमेंइजाफाहोगा।खासबातहैकिउत्पादनभीसामान्यप्रजातियोंसेकरीब20फीसदअधिकहैऔररोगप्रतिरोधकक्षमताभीअधिकहै।

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