शारीरिक शिक्षा

लखनऊ,राजूमिश्र।उत्तरप्रदेशइनदिनोंसांस्कृतिकऔरआर्थिकउत्थानकेएक्सप्रेस-वेपररफ्तारभरनाशुरूकरनेकीचौथीसालगिरहकाउत्सवमनारहाहै।दूसरेशब्दोंमेंकहेंतोप्रदेशमेंसर्वाधिकचारसालपूराकरनेवालीपहलीभाजपासरकारअपनीउपलब्धियोंकेभजनगारहीहै।जोलोगप्रदेशकीराजनीतिपरबारीकीसेनजररखतेहैं,वहजानतेहैंकिचारसालमेंनकेवलसरकारबदलीहै,बल्किबहुतकुछबदलगयाहै।अधिकारीतंत्रकेकामकरनेकातरीका,राजनेताओंकेसोचनेऔरराजनीतिकातरीका।जोसबसेबड़ाबदलावआयाहै,वहयहकिउत्तरप्रदेशपहलीबारकिसीमुख्यमंत्रीकीसोचमेंसमग्रतासेदिखाईदियाहै।

प्रदेशमेंअबतकजितनेमुख्यमंत्रीहुएहैं,उनमेंयदिनारायणदत्ततिवारीकोअपवादमानलियाजाएतोउनकेबादकिसीमुख्यमंत्रीकीसोचमेंउत्तरप्रदेशकभीसमग्रतासेनहींदिखा।कुछमुख्यमंत्रियोंनेविकासकेप्रतीकवादजरूरगढ़े।कभीसैफईविकासकाप्रतीकबनातोकभीलखनऊ-नोएडाकेपार्कहीविकासकेमानकमानलिएगए।लंबेअंतरालकेबादप्रदेशकोएकऐसामुख्यमंत्रीमिलाहैजिसकीसोचमेंगन्नाकिसान,ब्रजकीधाíमकवआध्यात्मिकभूमि,अवधकीआस्थावानधरा,उत्तराखंडऔरनेपालसेलगेतराईक्षेत्र,बुंदेलखंडकेचित्रकूट-महोबाऔरपूर्वाचलमेंगोरखपुरसेलेकरकाशीतककाभूभागसमानरूपसेझलकताहै।

लखनऊमेंशुक्रवारकोअवधशिल्पग्राममेंप्रदेशसरकारकेचारवर्षपूर्णहोनेपरआयोजितकार्यक्रममेंस्वयंसहायतासमूहकेलाभार्थियोंकोचेकदेतेमुख्यमंत्रीयोगीआदित्यनाथ।जागरणआर्काइव

चारसालमेंउपलब्धियोंकीसूचीलंबीहोसकतीहै,लेकिनसरकारकीसमग्रतावादीसोचसेजन्मीदोधाराएंउत्तरप्रदेशकेलिएभविष्यकेआधारस्तंभकीतरहविकसितहुईं।पहली,ओडीओपी(वनडिस्टिक्टवनप्रोडक्ट)योजनाजोअबओडीएमपी(वनडिस्टिक्टमेनीप्रोडक्ट)तककासफरतयकरचुकीहै।शुरुआतमेंयहयोजनालांचकरनेकेपीछेउद्देश्यथाकिहरजिलाअपनीविशेषज्ञताकेएकउत्पादकोलेकरआगेबढ़े।राज्यसरकारइसकेलिएछोटे-बड़ेउद्यमियोंकोएकमंचपरलाकरउसउत्पादकेलिएमार्केटिंगचेनबनाएऔरब्रांडिंगकरे,ताकिरोजगारस्थानीयस्तरपरहीउपलब्धहोसकेऔरआíथकआधारमजबूतहो।इसकीसफलताकाहीउदाहरणहैकिअबएकप्रोडक्टकेबजायकईजिलोंसेकई-कईप्रोडक्टकोइसयोजनाकाहिस्साबनानेकेप्रस्तावसरकारकेपासपहुंचरहेहैं।हालहीमेंगुड़कीब्रांडिंगकेलिएमेलालगायागया,जिससेउसेनईपहचानमिलीहै।

आर्थिकवसांस्कृतिकविकासकीदूसरीधाराधाíमकपर्यटनकेरूपमेंनिकली।जोलोगउत्तरप्रदेशकीराजनीतिकीधुरीकेवलअयोध्यामेंराममंदिरनिर्माणकोमानरहेथे,वेतबचकितहुएजबमुख्यमंत्रीनेप्रयागराजकेकुंभकोअंतरराष्ट्रीयब्रांडकीतरहप्रस्तुतकिया।अयोध्यामेंशुरूहुईदीपोत्सवकीपरंपराहरसालरिकार्डबनानेलगीऔरबादमेंयहचित्रकूट,काशी,मथुरासहितपूरेप्रदेशकाउत्सवबनगई।मुख्यमंत्रीनेधार्मिकऔरआध्यात्मिकपर्यटनकोआíथकआधारबनानेकीदृष्टिसेअयोध्याकेसाथनैमिष,देवीपाटन,विंध्याचल,चित्रकूट,काशीऔरमथुरामेंसौंदर्यीकरणकेकामकराए।

यात्रीऔरपर्यटकसुविधाओंकाविकासकरायाऔरयहकामअबछोटे-छोटेतीर्थोतककरायाजारहाहै,ताकिप्रदेशकीपहचानआध्यात्मिकशांतिकेकेंद्रकेरूपमेंउभरे।इसक्रममेंश्रवस्ती-कुशीनगर-सारनाथजैसेबौद्धपर्यटनस्थलोंऔरआगरा-फतेहपुरसीकरीकेसूफीसíकटकोसक्रियकरनेकाकामभीकियाजारहाहै।सिर्फइनस्थलोंकाहीविकासनहींकरायागयाबल्कियहांतककनेक्टिविटीदेनेकाकामभीएक्सप्रेस-वेऔरएयरपोर्टकेमाध्यमसेहोरहाहै।वास्तविकसमृद्धिकीकथातोअभीलिखीहीजारहीहै।हां,चारसालमेंइसकीएकतस्वीरउभरनीशुरूहोगईहै,जिसमेंकाफी-कुछरंगभरेजाचुकेऔरदिखनेभीलगेहैं।

कोरोनासेसबक:पिछलेसालजबइन्हींदिनोंकोविड-19काप्रकोपप्रदेशमेंशुरूहुआतोसबसेबड़ीमुश्किलथीप्रदेशकाजर्जरस्वास्थ्यढांचा।इसकेबावजूदसीमितसंसाधनोंमेंहीकोविडकेखिलाफजंगशुरूहुई।लेकिन,मुख्यमंत्रीयोगीआदित्यनाथकीदृष्टिसिर्फइसदैनंदिनलड़ाईतकसीमितनथी।वहइसीदौरमेंएकऐसाबुनियादीढांचाविकसितकरनेकेप्रयासमेंभीजुटेथे,जोभविष्यमेंइसतरहकीआपदामेंऔरप्रभावीढंगसेकामकरसके।

[वरिष्ठसमाचारसंपादक,उत्तरप्रदेश]