शारीरिक शिक्षा

संवादसहयोगी,कपूरथला:श्रीस्नेहबिहारीमंदिरमेंश्रीमद्भागवतकथाकेचौथेदिनश्रीकल्याणकमलआश्रमहरिद्वारकेअनंतश्रीविभूषित1008महामंडलेश्वरस्वामीकमलानंदगिरिजीमहाराजजीनेकहाकिअगरजीवनमेंकभीभीविपत्तिआजाएतोघबरानानहींचाहिए।विपत्तिकेसमयजोधैर्यरखतेहैं,प्रभुकीकृपाकीप्रतीक्षाकरतेहैं,उनकेजीवनमेंखुशियोंकीकिरणभीअवश्यआतीहै।दुखकेबादखुशीकासवेराभीजरूरआताहै।

स्वामीकमलानंदजीनेकहाकिवासुदेवदेवकीकेजीवनमेंकोईऐसेकर्मनहींथेजिससेउनकोकारागारमेंरहनापड़े,लेकिनवहवहांबैठे-बैठेपरमात्माकाशुक्रगुजारथेकिप्रभुतेरीकृपाहै।हमघरमेंरहेथेतोआपकाध्यान,¨चतनऔरसाधनानहींकरसकतेथे।यहकारागारनहींबल्किआपनेहमेंभजनकरनेकेलिएअनुकूलस्थानप्रदानकियाहै।उनकेइसधैर्यकाफलकुछहीसमयपश्चातमिलगया।भगवानकृष्णअवतारलेकरउनकेपुत्रबनकरआए।हरव्यक्तिकोमाननाहोगाकिसुखऔरदु:खयहदोनोंहीजीवनकेएकसिक्केकेदोपहलूहैं।दु:खआएतोसमझेंकीप्रभुनेभजनकरनेकामौकादियाहै।सुखआएतोसमझेंकिप्रभुभजनकाफलदेरहाहै।स्वामीजीनेभक्तप्रह्लाद,मीराबाई,राजाहरीशचंद्र,धर्मराजयुधिष्ठिरऔरमहाराजादुष्यंतजैसेमहापुरुषोंकाउदाहरणदेतेहुएबतायाकिइनकेजीवनमेंगहनअंधकारआया,लेकिनधैर्यपूर्वकइसदुखकेअंधेरेकोदूरहोनेकीप्रतीक्षाकरतेरहे।इसकेपरिणामस्वरुपइनसभीकोप्रभुनेदर्शनदेकरकृतार्थकरदिया।

इसअवसरपरहरमिन्दरबजाज,नवलशर्मा,प्रशान्तशर्मा,दीपकबजाज,विनयशर्मा,रामजससग्गड़,राजेशशर्मा(पिन्नी),अनूपउप्पल,विशालगोयल,मुनिश्वरशर्मा,दिनकरसंगर,पं.माधोरामशर्मा,अनुरागगुप्तावभारीसंख्यामेंश्रद्धालुउपस्थितथे

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By Collier