शारीरिक शिक्षा

जागरणसंवाददाता,जम्मू:

राजेश्वरसिंह'राजू'कीहिदीपुस्तक'झरोखा'कोएकसाथनोंशनप्रेसफ्लिपकार्टऔरअमेजनपरजारीकियागयाहै।हमारीसंस्कृति,हमारीविरासतउपशीर्षकवालीइसपुस्तकमें38लेखहैं,जोऐतिहासिकमहत्वऔरसांस्कृतिकविरासतकेविभिन्नस्थानोंउत्तरवाहिनी,पुरमंडल,सुनाढ़ाबाबा,दातारणपत,बाबाधनंसरझिड़ी,अंबारन,जियापोताघाट,मानसर,सुरूईंसर,झज्जरकोटली,सुकरालामाता,कैलाशधाम,रघुनाथमंदिर,अमरनाथ,सुद्धमहादेव,क्रीमचीमंदिर,बावलीतथातवी,देविकाजैसीनदियोंऔरडुग्गरप्रदेशकीविभिन्नलोककलाओंजैसेगीतडू,जातर,कुड्ड,हरण,बारां,भाख,जागरना,बझारतां,कराकपरलेखोंकेअलावाहमारीसंस्कृतिजोहमारेलिएहीनहीं,बल्किसभीकेलिएमानवीयमूल्यप्रचारितकरतीहै,उसपरभीकुछलेखसम्मिलितकिएगएहैं।

हमारीसंस्कृतिऔरविरासतकालेखा-जोखादेनेवालेमहत्वकेलेखदिलचस्पतरीकेसेलिखेगएहैंजोनकेवलपाठकोंकेसाथसहजहीजुड़जातेहैं,बल्किविचारोत्तेजकभीहैं।येवास्तवमेंहमेंयहअहसासकरवातेहैंकिहमारीसंस्कृतिऔरपरंपराओंकेप्रतिहमारीकुछजवाबदेहीहै।अगरहमइन्हेंसंरक्षितकरनाऔरपीढ़ी-दर-पीढ़ीआगेबढ़ानासुनिश्चितनहींकरेंगे,तोइसकेलिएऔरकौनदर्दउठाएगा।बल्किअपनीजड़ोंसेजुड़ेरहनाहमारेलिएगर्वकीबातहोनीचाहिए।

राजेश्वरसिंहराजूकहतेहैंकिहमारीसंस्कृतिऔरभाषाकेलिएकामकरनाहमारीनैतिकजिम्मेदारीबनजातीहै।झरोखापुस्तकहमारीडुग्गरसंस्कृति,परंपराओंऔरविरासतकीखोजकेमिशनकेलिएछोटासाप्रयासहै।यहवास्तवमेंहमारीसमृद्धसंस्कृतिऔरपरंपराओंकीएकझलकहैऔरगर्वकाअनुभवभीहै।इसकामुखपृष्ठप्रतीकात्मकऔरबहुतहीआकर्षकहै,मृणालिनीसिंहद्वाराडिजाइनकियागयाहै।पुस्तककीकीमत300रुपयेहैऔरयहअमेजन,फ्लिपकार्टऔरनोंशनप्रेसपरउपलब्धहै।

By Curtis