शारीरिक शिक्षा

लॉकडाउनकेदौरानअपनेघरोंकोनहींलौटपानेकादर्दप्रवासीमजदूरोंकागुस्साबनकरबाहरनिकलनेलगाहै।गुजरातकेअलावादूसरेअन्यराज्योंमेंमजदूरोंकेहंगामेकीतस्वीरेंसामनेआईहैं।राज्योंकेबीचतालमेलकाअभावऔरजिम्मेदारअफसरोंकेफोननहींउठानेसेमजदूरपरेशानहैं।सैकड़ोंमजदूरपैदलहीअपनेघरोंकोलौटपड़े।ऐसेमजदूरअभीभीदिखाईदेरहेहैं।सिरपरघर-गृहस्थीकाबोझऔरगोदमेंमासूमबच्चोंकोलिएयेमजदूरऔरमहिलाएंबेबसमीलोंपैदलचलरहेहैं।वहीं,जोमजदूरप्रशासनकीसख्तीसेनिकलनहींपारहे,वेनाराजहोनेलगेहैं।यहतस्वीरसूरतकीहै।लंबेसमयसेलॉकडाउनमेंफंसेमजदूरोंकासब्रजबटूटनेलगा,तोवोहिंसकहोउठे।

प्रवासीमजदूरोंकोउनकेघरतकपहुंचानेकेलिएराज्यसरकारोंकेबीचतालमेलकाअभावदेखागया।गुजरातकेसूरतकीयहतस्वीरमजदूरोंकेगुस्सेकोदिखातीहै।

यहतस्वीरसूरतकीहै।अपनेघरनहींजापानेसेनाराजइसमजदूरनेविरोधजतानेमुंडनकरालिया।

यहतस्वीरमहाराष्ट्रकेठाणेकीहै।इनगरीबोंकोअपनेपालतूजानवरोंकीफिक्रहै,लेकिनसरकारकोइनकीनहीं।

यहतस्वीरमुंबईकीहै।घरवापसीकेलिएपासबनवानेलगीभीड़परडंडेबरसातापुलिसकर्मी।

यहतस्वीरमहाराष्ट्रकेठाणेकीहै।रास्तेमेंगंदेपानीसेअपनीप्यासबुझातेमजदूर।येपैदलहीअपनेघरोंकीओरलौटपड़ेहैं।

यहतस्वीरठाणेकीहै।इनमजदूरोंकीपरेशानीशायदकिसीनेनहींसमझी।

By Daniels